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मानव सेवा के प्रतीक राधेश्याम अग्रवाल का सम्मान

अमन संवाद/भोपाल


सेवा, करुणा और सामाजिक समर्पण के पर्याय बन चुके जनसंवेदना कल्याण समिति के संस्थापक अध्यक्ष राधेश्याम अग्रवाल को श्री वैश्य गरिमा मंच, भोपाल द्वारा आयोजित मध्य प्रदेश कार्यकारिणी बैठक में सम्मान प्रदान किया गया।

यह सम्मान उन्हें विगत 20 वर्षों से निराश्रित, बेसहारा और लावारिस मृतकों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार करने, गरीबों को भोजन कराने, कन्याओं के विवाह में सहायक बनने तथा प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की शिक्षा में सहयोग प्रदान करने जैसे अद्वितीय सेवा कार्यों के लिए दिया गया।

*जनसंवेदना संस्था का मूल उद्देश्य है —* 

*"मानव सेवा ही माधव सेवा"* 

इस उद्देश्य को राधेश्याम अग्रवाल ने अपने जीवन की ध्येय वाक्य के रूप में अपनाया है। संस्था के स्वयंसेवक भोपाल सहित आसपास के क्षेत्रों में सरकारी अस्पतालों, आश्रयगृहों व संकटग्रस्त स्थानों पर नियमित रूप से सेवा कार्य कर रहे हैं।

कार्यक्रम में राधेश्याम अग्रवाल को सम्मान पत्र, शाल व श्रीफल भेंट कर उनके सेवा-कार्य को समाज के सामने आदर्श स्वरूप में प्रस्तुत किया गया। श्री वैश्य गरिमा मंच के पदाधिकारियों, समाजसेवियों और आम नागरिकों ने इस अवसर पर उन्हें "जीवित श्रवण कुमार", "सेवा पुरुष" और "मानवता के रक्षक" जैसे विशेषणों से नवाज़ा।

*जनसंवेदना संस्था के सेवा कार्य:* 

बेसहारा एवं लावारिस मृतकों का सम्मानजनक अंतिम संस्कार

सड़कों, अस्पतालों व धर्मशालाओं में निशुल्क भोजन वितरण

गरीब कन्याओं के विवाह में यथासंभव आर्थिक व सामग्री सहयोग

मेधावी और निर्धन विद्यार्थियों की शिक्षा में पुस्तकों, फीस व अन्य साधनों से मदद

सामाजिक आपदाओं के समय त्वरित राहत सेवा

*समाज में अलख जगा रही जनसंवेदना:* 

जनसंवेदना संस्था ने अब तक हजारों निराश्रित मृतकों का अंतिम संस्कार कर उन्हें सम्मानपूर्ण विदाई दी है, जो कि प्रशासन, पुलिस और समाज द्वारा भी कई बार सराहा गया है। भोपाल में एम्स हॉस्पिटल के गेट पर प्रतिदिन भोजन वितरण की सेवा संस्था के स्वयंसेवक नियमित रूप से संचालित करते हैं।

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