Ad Code

Responsive Advertisement

समिति प्रणाली की समीक्षा हेतु गठित पीठासीन अधिकारियों की समिति की बैठक विधानसभा अध्यक्ष की अध्यक्षता में संपन्न

समितियों की भूमिका का विस्तार, उनकी दक्षता एवं उपयोगिता बढाने पर विचार आवश्यक− श्री तोमर

अमन संवाद/भोपाल





समिति प्रणाली की समीक्षा हेतु गठित पीठासीन अधिकारियों की समिति की पहली बैठक समिति के अध्यक्ष विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में सोमवार को मध्यप्रदेश विधानसभा में आहूत की गई। 

इस बैठक में उत्तरप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, हिमाचल विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, सिक्किम विधानसभा अध्यक्ष मिंगमा नोरबू शेरपा, ओडिशा विधानसभा अध्यक्ष श्रीमति सुरमा पाढ़ी एवं पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष विमान बनर्जी सम्मिलित हुए। बैठक में सभी संबंधित राज्यों की विधानसभा के प्रमुख सचिव एवं अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। बैठक में विधानसभा की समिति के सुदृढ़ीकरण एवं जनकल्याण में उनकी भूमिका को बढ़ाने पर विचार किया गया।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए विधानसभा अध्यक्ष मध्यप्रदेश नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि समिति प्रणाली की समीक्षा हेतु गठित पीठासीन अधिकारियों की समिति की यह प्रथम बैठक है। हम सभी जानते हैं कि हमारे देश की लोकतांत्रिक प्रणाली में संसद एवं विधानसभाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। संसद या विधानसभा के सत्रो में जितनी सूक्ष्म निगरानी की आवश्यकता होती है वह सत्र में संभव नहीं हो पाता है। इसलिए समितियों के गठन की प्रणाली को प्रारंभ किया गया है। लोकसभा में भी विभिन्न समितियां गठित होती हैं, जिनमें बजट पर भी विचार−विमर्श होता है। लोकसभा में समितियां बजट का अध्ययन करके उस पर सुझाव देती है।

श्री तोमर ने कहा कि ठीक इसी प्रकार से विधानसभाओं में भी समितियों की प्रणाली है और वे ठीक प्रकार से कार्य भी कर रही हैं। मध्यप्रदेश में 4 वित्तीय समितियां हैं, जिनका निर्वाचन होता है। इसके अलावा अनुसूचित जाति एवं जनजाति और पिछड़ा वर्ग के लिए भी दो समितियां हैं, जिनका निर्वाचन संपन्न होता है। शेष लगभग 16 समितियां ऐसी हैं, जिनमें पक्ष−विपक्ष की सहमति से अध्यक्ष द्वारा नाम निर्देशित किए जाते हैं। ये समितियां भ्रमण एवं अध्ययन एवं निरीक्षण भी करती हैं। जरूरत पड़ने पर शासन को बुलाती हैं और उनके साथ विषयगत विमर्श करती हैं।

श्री तोमर ने कहा कि विधानसभा के द्वारा दिए गए निर्देशों, विधानसभा में सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन, प्रश्नों के अपूर्ण उत्तर, सदस्यों की सुविधा की दृष्टि से संबंधित विषय एवं अन्य जन उपयोगी विषयों पर समिति अपनी अनुशंसा एवं रिपोर्ट देती है। समितियां विधायी, वित्तीय और प्रशासकीय क्षेत्र में विधायिका के कार्यपालिका पर नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

श्री तोमर ने कहा कि प्रौद्योगिकी के बढ़ते प्रयोग एवं विकसित भारत की दिशा में अग्रसर हमारे कदमों को दृष्टिगत रखते हुए यह आवश्यक है कि समितियों की भूमिका का विस्तार, उनकी दक्षता एवं उपयोगिता बढाने पर विचार आवश्यक है।

श्री तोमर ने बताया कि विगत दिवस जब हिमाचल प्रदेश में विधान मंडलों के पीठासीन अधिकारियों की बैठक हुई थी, तो वहां पर समिति प्रणाली की समीक्षा के लिए यह समिति गठित हुई थी। श्री तोमर ने उम्मीद जताई कि समिति के सदस्य अपने राज्यों में समिति के कार्यों एवं वहां की श्रेष्ठ प्रथाओं को यहां साझा करेंगे। उन्होंने समितियों को और अधिक स्वायत्तता देने एवं उनके द्वारा की गई अनुशंसाओं की समय पर अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए भी सदस्यों से विचार करने एवं सुझाव देने का आग्रह किया।

श्री तोमर ने उम्मीद जताई कि बैठक में समितियों को दृष्टिगत रखते हुए उपयोगी एवं सुधारात्मक सुझाव आएंगे जो भविष्य में समितियों की दक्षता एवं भूमिका को सुदृढ़ करेंगे। श्री तोमर ने निर्देश दिए कि समिति सदस्यों के अतिरिक्त अन्य राज्यों के विधान मंडलों से भी समितियों की स्थिति एवं कार्यों की जानकारी मंगवाई जाए। सभी राज्यों के विधान मंडलों की समितियों की जानकारी प्राप्त होने से इस दिशा में व्यापकता के साथ भावी रणनीति बनाई जा सकेगी। बैठक में सम्मिलित विधानसभा अध्यक्षों ने अपने−अपने सुझाव रखें एवं विषय पर गंभीर चर्चा की। इस अवसर पर विधानसभा परिसर में सभी सदस्यों द्वारा वृक्षारोपण भी किया गया। अतिथि विधानसभा अध्यक्षों, विधानसभा प्रमुख सचिवों एवं अन्य अधिकारियों ने इस अवसर पर विधानसभा भवन का भ्रमण कर सदन, मानसरोवर सभागार, विधानसभा पुस्तकालय एवं अन्य प्रकोष्ठों की जानकारी भी ली। मध्‍यप्रदेश विधान सभा के प्रमुख सचिव ए.पी. सिंह ने समिति की बैठक की रूपरेखा रखी और सचिव अरविन्‍द शर्मा ने कार्यक्रम का संचालन किया।

 राज्यपाल सहभोज में सम्मिलित हुए

समिति प्रणाली की समीक्षा हेतु गठित पीठासीन अधिकारियों की समिति की बैठक में आए विभिन्न राज्यों के विधानसभा अध्यक्षों के साथ सहभोज में राज्यपाल मंगुभाई पटेल भी सम्मिलित हुए। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने विधानसभा के प्रवेश द्वार पर उनकी अगवानी की। इस अवसर पर राज्यपाल के साथ सभी राज्यों के विधानसभा अध्यक्षों एवं विधानसभा के अधिकारियों का ग्रुप फोटो भी खींचा गया।

Post a Comment

0 Comments

Ad Code

Responsive Advertisement