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सीएम एवं मंत्रियों के बंगलों पर 15 वर्षों से कार्यरत भृत्य नहीं हुए नियमित

भृत्य की परीक्षा दिए 2 वर्ष हो गए आज तक नहीं आया परिणाम

 *कई मंत्री विधायकों ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र* 

अमन संवाद/भोपाल


प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश में जहां एक तरफ सरकार लाखों बेरोजगारों को रोजगार और शासकीय नौकरी दिलाने का वादा कर रही है। वहीं मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों की निजी स्थापना में उनके बंगलों और दफ्तरों में कार्यरत करीब 200 भृत्य जिसमें जमादार,फर्रास, चौकीदार करीब 15 वर्षों से कार्यरत है। इन्हें आकस्मिक निधि से वेतन मिल रहा है। बताया जा रहा है कि मंत्रालय के भर्ती नियम 1987 के अनुसार 17 सितंबर 2023 को भर्ती के 143 रिक्त पद के विरुद्ध 210 से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र क्रमांक 20- 28 /2018 /12 - 1 भोपाल दिनांक 6 सितंबर 2023 के द्वारा जारी की गई थी जिसका परिणाम आज दिनांक तक घोषित नहीं किया गया। जिसके चलते यह अभ्यर्थी नियमितता से वंचित है और अगर समय रहते हैं यह परिणाम जारी नहीं हुआ तो इनकी उम्र सेवानिवृत्ति के करीब आ जाएगी। इसके लिए यह चतुर्थ वर्ग सभी कर्मचारी एड़ी चोटी की ताकत लगा रहे हैं परंतु सरकार में बैठे आला अधिकारी उसे ठंडे बस्ते में डाले हुए हैं। सभी कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री, चीफ सेक्रेटरी और आला अधिकारियों को कई पत्र दिये। वहीं मध्यप्रदेश शासन के करीब आधा दर्जन मंत्रियों ने मुख्यमंत्री को परीक्षा परिणाम जारी करने के लिए पत्र लिखे हैं। इससे पूर्व तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल 2013 में चतुर्थ वर्ग के 54 कर्मचारी नियमित हो चुके हैं। शेष कर्मचारियों के परिणाम जारी नहीं होने से यह कर्मचारी परेशान हो रहे हैं।

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